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Sasikala convicted LIVE: Chinnamma reaches Bengaluru's Parappana Agrahara jail to surrender

Sasikala surrenders

Sasikala surrendered in Bengaluru’s Parappana Agrahara jail on Wednesday. According to some reports, clashes erupted between two AIADMK factions outside the jail. Two Tamil Nadu cars were vandalised in Bengaluru.

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वेलेंटाइंस डे और गिरफ्तारियां

श्रीकांत सिंह

वेलेंटाइंस डे और गिरफ्तारियां। इनमें कोई न कोई संबंध जरूर है। तभी तो फिल्‍मी गीत लिखा गया था-कैद मांगी थी रिहाई तो नहीं मांगी थी…जी हां। इस मुबारक मौके पर दो गिरफ्तारियों की चर्चा आम है। आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में शशिकला नटराजन उर्फ चिनम्‍मा गिरफ्तारी की चौखट पर पहुंच गई हैं तो एक्जिट पोल प्रकाशित करने के आरोप में जागरण डॉट कॉम के संपादक शशांक शेखर त्रिपाठी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

शेखर की गिरफ्तारी के संदर्भ में जागरण की ओर से कहा गया है- ‘डिजिटल इंग्लिश प्लेटफॉर्म के अलावा एग्जिट पोल से संबंधित खबर दैनिक जागरण अखबार में नहीं छापी गई। इंग्लिश वेबसाइट पर एग्जिट पोल से जुड़ी एक खबर अनजाने में डाली गयी थी,  इस भूल को फौरन सुधार लिया गया और संज्ञान में आते ही वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से संबंधित न्यूज रिपोर्ट को तुरंत हटा दिया गया था।’ सवाल यह है कि जागरण की ओर से अनजाने में कितने अपराध किए जाएंगे…माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना क्‍या जागरण प्रबंधन अनजाने में कर रहा है…सैकड़ों कर्मचारियों को एक झटके में क्‍या अनजाने में संस्‍थान से बाहर कर दिया गया…एनआरएचएम घोटाले में जागरण की संलिप्‍तता क्‍या अनजाने में हुई…जागरण की जम्‍मू यूनिट में क्‍या मादक द्रव्‍यों की तस्‍करी अनजाने में कराई जा रही थी।

जागरण के अपराधों की लिस्‍ट बड़ी लंबी है, लेकिन पहली गिरफ्तारी भले ही शशांक शेखर के साथ साजिश का एक नजीजा हो, लेकिन इससे मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें लागू कराने के लिए संघर्षरत कर्मचारी उत्‍साहित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस दैनिक जागरण के प्रधान संपादक व मालिक संजय गुप्‍ता के घर भी पहुंची थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिले। 23 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया अवमानना मामले की सुनवाई है। इस बार सुनवाई से पहले ही जागरण के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। आपको याद होगा कि दुखी कर्मचारियों ने जागरण प्रबंधन और उसका साथ देने वाले पीएम नरेंद्र मोदी को बददुआ दी थी कि उनका हर कदम उलटा पड़े और वे असफलता के गर्त में गिर जाएं। उसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। बददुआ के ठीक बाद पीएम मोदी मैन ऑफ टाइम मैगजीन बनते बनते रह गए और चुनाव में उनकी नोटबंदी की साजिश नाकाम साबित हुई। चुनाव प्रभावित कराने का कलंक जो लगा सो अलग। आज नोटबंदी पर उठ रहे सवालों का एक भी जवाब केंद्र सरकार की ओर से नहीं आया है।

शशिकला नटराजन की गिरफ्तारी के मामले से साजिश की बू आ रही है, क्‍योंकि भाजपा पन्‍नीर सेल्‍वम के सहारे तमिलनाडु की राजनीति में अपना प्रभाव जमाना चाहती है, लेकिन पन्‍नीर सेल्‍वम को एआईडीएमके से हटा दिया गया है। अब मामला तमिलनाडु के राज्‍यपाल और एआईडीएमके के समर्थन पर फंसा है। पन्‍नीर सेल्‍वम यदि समर्थन के अभाव में किनारे लग जाते हैं तो यहां भी भाजपा को बड़ा झटका लगना तय माना जा रहा है। बची खुची कसर विधानसभा चुनाव के परिणाम पूरी कर सकते हैं। ये तो इंतहाए राजनीति है, रोता है क्‍या। आगे आगे देखिए होता है क्‍या।

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सुप्रीम कोर्ट से शशिकला को राहत, शपथ लेने से रोकने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली। अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गयी है। शशिकला के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोकने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। शशिकला के खिलाफ दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि वीके शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शीर्ष अदालत का फैसला आने तक उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोका जाय। अधिवक्ता ने मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था।

किस वजह से दायर की गई जनहित याचिका?

गैरसरकारी संगठन सत्ता पंचायत आयक्कम के महासचिव चेन्नई निवासी सेंथिल कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता जीएस मणि ने मामले पर अविलंब सुनवाई का अनुरोध किया था। जनहित याचिका छह फरवरी को दायर की गई थी। याचिका में शशिकला के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। क्योंकि ये खबरें आ रही थी कि शशिकला अगले दिन पद की शपथ ले सकती हैं।

याचिका में क्या कहा याचिकाकर्ता ने?

याचिकाकर्ता ने कहा था कि यदि शशिकला शपथ ले लेती है और बाद में अदालत के फैसले में वो दोष सिद्ध हो जाती है तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा, जिससे तमिलनाडु में दंगे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। एेसी स्थिति में राज्य में कानून व्यव्स्था की स्थिति बिगड़ सकती है। क्योंकि राज्य पहले से ही चक्रवाती तूफान, नोटबंदी और जयललिता के निधन जैसे निराशाजनक हालातों से गुजर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

बता दें कि 1997 में शशिकला, जयललिता, वी एन सुधाकरन और जे इलावारासी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में विशेष अदालत ने सभी को दोषी करार दिया था। हालांकि बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की थी। जयललिता के निधन से पहले शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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गुरुवार को राज्यपाल से मिलेंगी शशिकला, कराएंगी विधायकों की परेड

नई दिल्ली। तमिलनाडु में बदलते घटनाक्रम के बीच शशिकला गुरुवार को राज्यपाल से मिलेंगी। राज्यपाल से मिलकर वो विधायकों की परेड भी करवाएंगी। एक तरफ शशिकला ने पनीरसेल्लवम को जहां गद्दार और झूठा कहा है वहीं पनीरसेल्लवम ने दो बैंकों ये आदेश दिया है कि बिना उसके हस्ताक्षर के पार्टी के खाते से कोई लेन-देन ना हो। इसी बीच एआईएडीएमके के 20 सांसद दिल्ली पहुंच गये हैं। जबकि डीएमके ने तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।

शशिकला आज शाम राज्यपाल से मिलेंगी और विधायकों की परेड़ करायी जाएगी। दिल्ली पहुंचे 20 सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात गुरुवार को मुलाकात करेंगे। शशिकला ने दावा कि या है कि उसके साथ 131 विधायकों का समर्थन हासिल है। वहीं खबर है कि राज्य के स्टूडेंट्स पनीरसेल्लवम के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठेंगे। खबरों के मुताबिक यदि शशिकला और पनीरसेल्लवम दोनों में से कोई भी बहुमत साबित नहीं कर पाया तो डीएमके राज्य में चुनाव की मांग करेंगे।

तमिलनाडु में हो रहे राजनीतिक उथल-पुथल के गवर्नर रुख साफ नहीं है। राज्यपाल विद्यासागर राव गुरुवार को चेन्नई पहुंच रहे हैं। वहीं अभिनेता कमल हसन ने एक इंटरव्यू में ओ पनीरसेल्लनम का समर्थन किया है। पनीरसेल्लवम ने बुधवार को कहा था कि अन्नाद्रमुक के स्थायी महासचिव पद के लिए जल्द ही चुनाव होगा। साथ उन्होंने कहा था कि दिवंगत जयललिता के स्वास्थ्य संबंधी संदेहों की जांच करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा। बता दें शशिकला पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है।

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देश की सबसे अमीर मुख्यमंत्री बनेंगी शशिकला

नई दिल्ली। जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री की कमान संभालने वाले पनीरसेल्लवम ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद शशिकला अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। शशिकला देश में जितने भी मुख्यमंत्री हुए हैं उनमें सबसे अमीर मुख्यमंत्री बनने का तमगा लग सकता है। अगर शशिकला मुख्यमंत्री बनती हैं तो वो देश में मौजूद मुख्यमंत्रियों में सबसे रईस होंगी।

कैसे बनाई इतनी बड़ी संपत्ति

जयललिता पहली बार 1991 में मुख्यमंत्री बनीं। पहले ही कार्यकाल में जयललिता की संपत्ति में अचानक उछाल आ गया। जिसके बाद वो विवादों में घिर गईं। 2015 के चुनाव में जयललिता ने 113 करोड़ की संपत्ति घोषित की। अब ये संपत्ति शशिकला के पास है। जयललिता की निवास वेदा निलायम की मौजूदा कीमत 43.96 करोड़ है। जिस वक्त इसे खरीदा गया था उस वक्त इसकी कीमत महज 1.32 लाख थी। अब इस निवास स्थान को शशिकला ने अपना निवास स्थान बना लिया है।

जयलतिता के पास 42.25 लाख की 9 देसी और विदेशी गाड़ियां थी। अब इसकी चाभी भी शशिकला के पास है। इतना ही नहीं शशिकला के पास जयललिता के साथ पार्टनरशिप में शुरू की गई बागान की कीमत 400 करोड़ रुपये है। इसके साथ-साथ शशिकला के पास 50 करोड़ के फॉर्म हाउस, 37 लाख रुपये की थांजावुर मेडिकल सेंटर(भाई के पास), सेनगामला वुमेन कॉलेज की स्थापना के लिए 3 करोड़ का 10 एकड़ लंबा प्लॉट (भाई के पास) इत्यादि है।

इसके अलावा क्या-क्या है शशिकला के पास

शशिकला के परिवार ने हाल ही में थिरुवरूर में राइस और ऑयल प्लांट खरीदा है। इस प्लांट के बारे में कहा जाता है कि शशिकला के परिवार ने क्षेत्रीय शराब माफिया रामास्वामी ओडयार से 54 लाख रुपये में खरीदी थी लेकिन इसकी मौजूदा कीमत करोड़ों में आंकी गई है। इन सबके अलावा शशिकला ने 1 करोड़ रुपये की लागत से थिरूथुरायपूंडी में दो मंजिला शादी घर का निर्माण भी कराया है जिससे लाखों में बार्षिक आय होती है।

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तमिलनाडू में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शशिकला का नाम सबसे ऊपर

5 दिसंबर को जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया था। उसी दौरान पनीरसेल्वम ने भी सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली थी। शशिकला लगभग तीन दशकों से जयललिता की सहयोगी रहीं हैं। पार्टी में उसे ही केंद्र बिंदू माना जाता है।

नई दिल्ली। तमिलनाडू में राजनीतिक घटनाक्रम बदलता नजर आ रहा है। खबर है कि तमिलनाडु में मुख्यमंत्री का चेहरा बदल सकता है। सत्ताधारी अन्नाद्रमुक के विधायक रविवार को आयोजित होने वारी बैठक में शशिकला से सरकार की कमान संभालने का अनुरोध कर सकते हैं। बता दें शशिकला दिवंगत जयललिता की करीबी सहयोगी रहीं हैं। बैठक रविवार दोपहर को आयोजित हो सकती है।

हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी है कि विधायक द्वारा शशिकला को मुख्यमंत्री पद संभालने का अनुरोध किया जाएगा। पनीरसेल्वम से मुख्यमंत्री पद की कमान शशिकला द्वारा लिये जाने की खबरों के बारे में एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह सिर्फ कल्पना और कयासबाजी है।

बता दें कि ऐसी खबरे हैं कि लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई समेत अन्य ने मुख्यमंत्री पद पर शशिकला का समर्थन किया है। 5 दिसंबर को जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया था। उसी दौरान पनीरसेल्वम ने भी सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली थी। शशिकला लगभग तीन दशकों से जयललिता की सहयोगी रहीं हैं। पार्टी में उसे ही केंद्र बिंदू माना जाता है।

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Dil gaya dard rahaa seene mein

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