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चुनावी रण का अन्त

लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए चुनाव एक अहम् किरदार अदा करते हैं |और उसी परंपरा को  राजिनीतिक विज्ञान विभाग बरसों से निभाता आ रहा है | हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चुनावों की घोषणा होते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई| चुनावों में सभी उम्मीदवार पूरे जोश और जज्बे के साथ उतरे, और सबने अपने-अपने घोषणा पत्र विद्यार्थियों के बीच रखे | एक तरफ कई तरह के नए वादे और इरादे उभरकर सामने आये, तो दूसरी तरफ पिछली गलतियों को दुबारा न दुहराने का भी आश्वासन दिया गया | 14 सितम्बर को नामांकन के साथ शुरु हुआ ये सफर 21 सितम्बर को उम्मीदवारों के भाषण मतदान व मतगणना के साथ समाप्त हुआ | परिणाम स्वरुप हितेश अध्यक्ष, हरलीन उपाध्यक्ष, गुंजन प्रधान सचिव एवं भरत संयुक्त सचिव के पद पर विजयी हुए | पुस्तकाल्याध्यक्ष एवं सह पुस्तकाल्याध्यक्ष के पदों पर कृमशः सौरभ सुमन झा एवं मोनिका निर्विरोध निर्वाचित हुए| प्रथम वर्ष प्रतिनिधि के तौर पर पीटर एवं निवास विजयी हुए, तो द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के लिए कृमशः डेज़ी एवं भास्वती, अक्षय एवं अदिति निर्विरोध निर्वचित हुए |

यह दुर्भाग्य पूर्ण था कि परिणाम घोषणा से पहले मतों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया| हालांकि विवाद के कारण का असर परिणाम पर बिल्कुल न पडता, परंतु बात पारदर्शिता की थी न की पद को पाने की | वास्तविकता है कि चुनावों की गरिमा, पारदर्शिता को बरक़रार रखने का हर संभव प्रयत्न किया गया, भूल कहाँ ,क्यूँ ,कैसे हुई यह हम सभी के लिए विचारणीय है और इससे सीख लेते हुए बेहतर करने का सन्देश है |

सभी विजयी उम्मीदवार बधाई के पात्र हैं,साथ ही साथ अन्य सभी प्रतिभागी उम्मीदवार भी बधाई के पात्र हैं,जिन्होंने लोकतंत्र की स्पन्दिता और सौंदर्यता को गरिमामय बनाया |

हालांकि जीत का उत्साह इस कदर था कि विवाद ने जीत के जश्न को धूमिल नहीं होने दिया |
स्पार्टकस एक परिवार है,जिसका हम आप सभी हिस्सा हैं किसी पद के लिए जीत या हार से इसपर कोई खास असर नहीं होता |जीत या हार तो मात्र क्षणिक आनंद हैं,प्रशंसनीय यह है कि हम सब मिल कर अच्छी यादें समेटे,दोस्त बनाए,स्वयं उन्नति करें और स्पार्टकस को उन्नति के एक नए शिरोबिंदु तक पहुंचाए |

Delhi University

Book Review: 'Kubrick's Game'

Plot:  Three UCLA films students get caught up in an elaborate game created by none other than master director Stanley Kubrick.  Despite over a decade and a half having passed since Kubrick’s sudden death, the maverick director’s puzzle becomes more and more intricate as each new clue reveals itself.  1,122 more words

Random Geekness

We forge our own "Doctore Oenamus"

Taken from Spartacus Oenamaus was a Gladiator Trainer he once said

We forge our own paths nothing is impossible when heart and minds are put on it…

265 more words
TV-Series

Man should accept "Lentulus Batiatus"

Taken from Spartacus Lentulus Batiatus was a resourcefull Roman Civilian .He owned a Gladiator School in Capua Rome now Italy .He used to motivate his fighters who didn’t want to fight in arena with those words as a threat… 227 more words

TV-Series

Their is nothing more greater "Spartacus"

The last Episode of Spartacus .These were his last words before dying

Their is nothing more greater then falling from this World as free man…

213 more words
TV-Series

FAD OR LIFESTYLE?

Where lies the line between fad and lifestyle?  Who knows if, how, or when one switches from one to the other?

So what will history make of this whole running movement 100 years from now? 877 more words

Opinion

1 Year...100 Films, #81: SPARTACUS (1960)

Basic Premise of Film: Story of titular character. Leads a failed rebellion against owners who use them for slave labor/gladiators/whatever they want.

Okay, not gonna lie. 662 more words

1 Year...100 Movies