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स्वीमिंग पूल में डूबा आठ साल का पार्थ, मौत

इंदिरापुरम के वैभवखंड की आम्रपाली रॉयल सोसाइटी में बुधवार रात आठ वर्षीय बच्चा स्वीमिंग पूल में डूब गया। आस-पास के लोगों ने उसे स्वीमिंग पूल से बाहर निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसकी मृत घोषित कर दिया।

सोसाइटी के उवर्शी टावर-1 के फ्लैट संख्या 1006 में पीके गुप्ता अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। वह रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं। उनका बेटा आस्ट्रेलिया की कंपनी में काम करता है। मंगलवार को पीके गुप्ता का भतीजा भरत (बरेली के नवाबगंज का निवासी) अपने परिवार के साथ उनके घर आया। भरत का बरेली में अपना व्यवसाय है। बुधवार की शाम करीब सात बजे भरत का बेटा पार्थ (8) अकेला ही फ्लैट से निकलकर सोसाइटी के स्वीमिंग पूल में नहाने पहुंच गया। बड़ों के पूल में नहाते वक्त वह डूबने लगा।

पूल में नहा रहे बाकी बच्चों ने पार्थ को डूबता देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों को शोर सुनकर सोसाइटी का गार्ड संजीव तुरंत पूल में कूदा और लोगों की मदद से पार्थ को बाहर निकाला। लोग आनन-फानन में इंदिरापुरम के शांति गोपाल अस्पताल में पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब पुलिस को मामले की सूचना मिली तो वह अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया मगर परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया और शव को बरेली ले गए।

पहले भी हुए हैं हादसे :
टीएचए में स्वीमिंग पूल में डूबकर मौत होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले चंद्र नगर के स्वीमिंग पूल में पार्टी के दौरान शराब के नशे में कई छात्र डूब गए थे। इसमें से एक की मौत भी हुई थी। तीन साल पहले राजेंद्र नगर के क्लब में डूबने से भी छात्र की मौत हो चुकी है।

पूल के पास नहीं था कोच
सोसाइटी के लोगों का आरोप है कि पूल के लिए न तो कोई ट्रेंड कोच या सुरक्षा गार्ड तैनात किया गया है और ना ही लाइफ जैकेट हैं। यदि बुधवार शाम को भी कोई गार्ड तैनात होता तो बच्चा बड़ों के पूल में जाता ही नहीं। अगर कोई हादसा होता तो भी गार्ड बच्चे को बचा सकता था।

ये बोली पुलिस
परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया। इस मामले में स्वीमिंग पूल एजेंसी की लापरवाही की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गोरखनाथ यादव-एसएचओ इंदिरापुरम

अगले दिन सोसाइटी के पूल में नहीं नहाए बच्चे
सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने बताया कि स्र्वींमग पूल में पार्थ के डूबने के घटना के बाद से सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। वहीं बच्चे इस घटना के बाद से डरे हुए है। पार्थ के डूबने पर सभी बच्चे स्र्वींमग पूल से बाहर निकल आए और गुरुवार को स्र्वींमग पूल का इस्तेमाल नहीं किया।

हमने बृहस्पतिवार को स्वीमिंग पूल का मुआयना किया। यहां मिली कमियों को मेंटीनेंस स्टाफ को भी बताया। आरडब्ल्यूए ने सोसाइटी के निवासियों को स्वीमिंग पूल में बच्चों के साथ आने की सलाह दी है। साथ ही बिल्डर से अतिरिक्त विशेषज्ञ सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने की मांग की है।
राकेश, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी

सोसाइटी का मेंटीनेंस हम आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर कर रहे हैं। बच्चा गलती से बड़ों के स्वीमिंग पूल में चला गया था। वहां सुरक्षा गार्ड मौजूद था। उसी ने ही बच्चे को बाहर निकाला था। सुरक्षा इंतजामों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

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