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25th July - On This Day In History

Born:

1967 Matt LeBlanc (actor and TV presenter)

Died:

1834 Samuel Taylor Coleridge (poet)

On This Day:

1868 Wyoming Territory formed (encompassing Dakota, Utah and Idaho) 14 more words

Wo SHAAM ki Chai...

Haan dosto aaj hum zikr karenge us CHAI ka…wohi CHAI…jo har gali, har nukkad, har mod..  pe kuch chand kodiyon ki bikati hain…kodiyon ki bikate hain.. 273 more words

Philosophy

Gaurav Singh Naruka reblogged this on Gaurav Singh Naruka and commented:

हाँ दोस्तों, आज हम ज़िक्र करेंगे उस चाय का...

वो ही चाय...जो हर गली, हर नुक्कड़, हर मोड़ पर कुछ चंद कोड़ियों की बिकती है.... कोड़ियों की बिकती है..

शायद वो ही चाय जिसको देख कर दिल में एक सुकून सा आ जाता हैं...

दिन की थकावट, और लोगो की फितरत...को भुला देने वाली ये चाय...

चाय जो हमेशा आपके लबों को चूम कर आपकी ख्वाइशों को बुनती है...

हाँ दोस्तों, उसी चाय की बात कर रहा हूँ मैं.....

वो ही चाय जो खुले आसमान के तले, इस जमीन पे...आपके जूनून, आपके ख्वाबो को निहारती है....

हाँ वो ही चाय जो मन के हालातों को शायद लबों में उतारती हैं....

जी हाँ, चाय जो आपके दिल को लुभाती है....और आपकी जीभ को भाती है.....

उसी चाय की बात कर रहा हूँ मैं.......

शायद इस चाय का नशा ही कुछ ऐसा है....ना जाने क्या है इसमें..?

की एक घूंट से ही बस, एक राहत सी आ जाती है...कुछ चैन सा आ जाता है...

मंजिले आसान दिखने लगती है, और सफ़र भी अपना सा लगने लगता है.....

चाहे अकेले हो या यारो के संग, ये चाय हर जगह, हर वक़्त, आपके मन को भाती है...

चाय जो हमारी डूबती सी कश्ती को सहारा सा दे जाती है.....

ना जाने कैसे पर एक अजीब सी मुस्कराहट आ जाती है....

हाँ उसी चाय का ज़िक्र कर रहा हूँ मैं जनाब...जो उस जगह...कोड़ियों की बिक जाती है...

कितना अजीब है ना ये ज़माना.....

जिसे अपनाना चाहता है....उसके पीछे भागता है...

और जो अपना है....उसे कहीं और ही भुल आता है...

कि वो चाय को उस नज़र से देखता....

की ये तो हर जगह बस कोड़ियों पे बिक जाती है...

कि वो ज़माने का नज़रियाँ बनाता...

की ये तो बस....हर जगह

कोड़ियों पे बिक जाती है...

कोड़ियों पे बिक जाती है...

वो शाम की चाय...........!!!!!!!!!!!!!!

शुक्रियां |

बोल: जितेन्द्र अजमेरा के |
वही शाम 6 बजे की चाय, जिसे पीकर दिन भर की थकान उतर जाती थी |
 जिसे पीते हुए यारो के साथ मन की बात निकल जाती थी |
 #handsOnPoetry #6PM #TEA_TIME #SamacharJagat

Cuppa

An untasted fresh cup of tea holds so much promise. Tea is also a great opportunity for camaraderie.

What is your cup of TEA?

On Saturday, 23 July 2016, I attended TEA (Township Entrepreneurs Alliance) in my township at Tembisa, Moriting Park. I am not a fan of the normal tea, but this one is very different and mind stimulating. 350 more words

Sunday Rainstorms

Thunder, clouds.

Fluid in the lungs.

And rain once night had claimed the sky.

Funny how things turn out from day to day.

I’m congested, fighting off some fluid in my lungs that just won’t drain. 86 more words

CELEBRITY SEEDS & GOSSIP SUMMER BREAK EDITION

Future Zahir is somewhere tropical with his mother & stepfather Russell Wilson, its a wonder and don’t be surprised if Ciara doesn’t petition to have his name hyphenated along with Wilson and Wilburn which is biological father’s last name. 687 more words

Love