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इरशाद -7 

जो मिला नहीं महबूब की अँगड़ायीं में,
वो सुकून मिला मुझे मेरी तनहायी में।
उस राह पे चल पड़े जिधर कोई ना था,
मीलों चलते रहे ख़ुद की रहनुमाई में ।

#ALFAAZ APNE APNE 1.

किसी की इज्ज़त क्या कर ली, थोड़े खामोश क्या हो गए,
ज़माने में काफिर और एहसान फरामोश से हो गए।

© उमंग शाही।

Rooh

इरशाद - 4 

रोज़ सोचते हैं कुछ नया होगा ,

अब तू मिल भी जाए तो क्या होगा ?

जिस इंसान ने चाहा था तुम्हें

मर चुका है वो, पता होगा।

इरशाद -3

तू खुदा है न मेरा इश्क़ फ़रिश्तों जैसा,

दोनों इंसा हैं तो क्यों इतने हिजाबों में मिलें ।

– अहमद फ़राज़।

इरशाद - 2

गर मुस्कुराए ना होते तुम हमारी ख़ुशी में,

तो हम भी आपके ग़म में ग़मज़दा ना होते।

– सहर

इरशाद - 1

मेरे रक्त में कविता बह रही है,
बहते बहते मुझसे कुछ कह रही है |
– सहर

Telltale Lines #2

“They look beautiful together. A new couple, aren’t they.”, asked my neighbour

“Yes. My face looks worn so he shifted.” I grimaced.

Amrin Naaz