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इरशाद-20

” न मैं हिन्दू हूँ और न तू है मुसलमान,
अब न जले तेरा घर, न झुलसे मेरा मकान,
आओ पढ़ें चैन-ओ-अमन की किताब,
मैं जला दूँगा अपनी गीता, तुम जला दो अपनी क़ुरान।”
– सहर

Two liners..

  1. Girl on the road became richest.. When she handed her last bread to a dog..
  2. Mask your face with smile.. But Do not fake your face with smile..
  3. 92 more words

इरशाद 19. 

“अब जाकर कुछ मायने में पहली मोहब्बत धुँधली हो चुकी है,

तेरी बातें, तेरी यादें, और अब तेरी तस्वीर भी खो चुकी है।

सहर नहीं होने दी हमने आपके इन्तज़ार में आज तक,

the other side of the tree

i know not what you’re going through, or how to help you,
but i hope my little joys will yet draw a smile from you or two.

Q

Poems

इरशाद- 17

‘नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है
ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं शाम तक न पहुँचे।’

– शकील बदायूनी। 

इरशाद-16

“कह चुका हूँ जो भी था दरमियाँ,पर ख़्वाहिशें अब भी होश खो रहीं हैं।”

– सहर।

Urdu Poetry

इरशाद -15

” देखते हैं कहाँ ले जाकर छोड़ेगा ये सफ़र ज़िन्दगी का,

हमारी कहानी तो मौत पर भी ख़त्म ना होगी | “

– सहर