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व्यापम घोटाला | तथ्यों पर एक नज़र

व्यापम घोटाले में 55 केस दर्ज किये गये हैं, जिनमें 2,530 लोग आरोपी हैं, इनमें से 1,980 गिरफ्तार हो चुके हैं और 550 फरार हैं. इतने सारे केसों की सुनवाई के लिए प्रदेश में 20 से ज्यादा कोर्ट बनाये गये हैं.

55 में से 28 मामले में एसटीएफ चार्जशीट दायर कर चुकी है. 27 मामले बचे हुए हैं. इन्ही मामलों की सुनवाई के लिए 20 कोर्ट बनाए गए. 55 केसों में से 16 केस जुलाई 2013 के पहले के हैं. आरोपियों में यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान और महाराष्ट्र के लोग शामिल हैं. जुलाई 2013 में इसकी जांच एसटीएफ को दी गई थी .

ऐसे होती थी धांधली?

कांग्रेस के मुताबिक शुरू में धुंधला फोटोग्राफ लगाकर असली विद्यार्थी की जगह नकली विद्यार्थी को परीक्षा में बिठाया जाता था. इसके अलावा परीक्षा में पहले काफी अच्छे अंक प्राप्त कर चुके योग्य विद्यार्थी को दोबारा परीक्षा में बिठाया जाता था, जो दूसरे विद्यार्थी को नकल करवाता था. इसके लिए पैसा खिलाकर दोनों के रोल नंबर पास पास रखे जाते थे.

पैसा खिलाने वाले विद्यार्थी से अपनी ‘ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन’ (ओएमआर) शीट को खाली छोड़ने को कहा जाता था, इन्हें बाद में भोपाल में व्यापम हेडक्वार्टर में सही उत्तरों से भर दिया जाता था, ताकि वह विद्यार्थी परीक्षा में पास हो जाए.

इस जालसाजी के पैमाने का अनुमान इस बात से हो जाता है, कि 2008 से 2013 के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापम के द्वारा 68 परीक्षाएं आयोजित कीं, जिनमें 49,44,104 विद्यार्थी बैठे और विभिन्न सरकारी विभागों जैसे पुलिस, वन, राजस्व, शिक्षा आदि में 1,40,000 लोगों की भर्ती की गई. इसी तरह 99 प्रवेश परीक्षाओं में 27,32,614 विद्यार्थी बैठे.

क्या है व्यापम घोटाला ?

उच्च शिक्षा मंत्री के तहत काम करने वाला व्यावसायिक परीक्षा मंडल मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरी व्यावसायिक पढ़ाई के साथ सरकारी नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं करवाने और छात्रों के चयन का काम करता है. व्यापम घोटाला दो हिस्सों में बंटा हुआ है. पहला तो ये कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई. वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई.

व्यापम मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अधीन था-घोटाले के तार लक्ष्मीकांत शर्मा से जुड़ रहे थे. उन्हें भी गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही घोटाले के कर्ताधर्ता उनके ओएसडी ओ पी शुक्ला, व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, ऑनलाइन विभाग के सर्वेसर्वा नितिन महिंद्रा पर शिकंजा कसा जा चुका है. इनकी ही मिलीभगत से भर्ती घोटाले का खेल चल रहा था.

आरोप है कि सिफारिश करने वालों में राज्यपाल रामनरेश यादव, उनके बेटे शैलेश यादव, ओएसडी धनराज यादव, केंद्रीय मंत्री उमा भारती से लेकर संघ के सुरेश सोनी, केसी सुदर्शन और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.

मामले की जांच कर रही एसटीएफ की निगरानी के लिए हाईकोर्ट ने एसआईटी बनाई है. कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मामले की जांच शुरू कराने का श्रेय खुद को देते हैं. जबकि कांग्रेस घोटाले का आरोप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लगा चुकी है.

इस बीच रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने व्यापम घोटाले पर ‘व्यापमगेट’ नाम से एक किताब भी लिखी है. इसमें उन्होंने घोटाले से जुड़े 250 अधिकारियों समेत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ सबूत पेश करने का दावा किया है.

News Of The Day

Overburdened CBI?

Cutting his losses, Madhya Pradesh Chief Minister, Shivraj Singh Chouhan, announced his decision to seek a Central Bureau of Investigation (CBI) probe into the deadly Vyapam scam. 112 more words

Caesar's wife

The ancient Roman Empire once boasted of a great leader, Julius Caesar. His second wife was Pompeia, daughter of Pompeius Rufus. When Caesar was elected Pontifex Maximus (chief priest), Pompeia hosted the festival of Bona Dia (good goddess) in her home. 465 more words

Life

व्यापम: खूनी घोटाला और रहस्यमयी मौतें, पूरी पिक्चर अभी बाकी है जनाब!

By:-  Trinath Tripathi

हमारे देश में हुए स्कैम यानी घोटालों की कोई कमी नहीं है. आजादी से लकर अब तक कई बड़े बड़े घोटाले हुए. कोई हजार करोड़ का घोटाला तो कोई लाखों करोड़ों का घोटाला… कभी बोफोर्स तो कभी 2G घोटाला…कभी कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला तो कभी CWG. 11 more words

News Of The Day

VYAPAM IS A MEGA SCAM - Swaraj Abhiyan demands answers on the unfortunate death of dreams and the mysterious death of people linked to scam

Press Note, July 6, 2015

  • Vyapam is a mega scam, which has murdered the dreams of a complete generation of youth who never got what they actually deserved.
  • 663 more words
Press & Media

पत्रकार रविश कुमार की खुली चिट्ठी

माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी,
“वो जो गहरे नीले कुर्ते में है न, हां! वही जो अभी बेसुध सी पड़ी है, ये..ये जो अब उठकर दहाड़ मार रही है। संभाल नहीं पा रही है खुद को। ये जो उठकर फिर गिर गई है।”

Who will guard the guards?

Nearly seven decades ago, India took birth as a democracy. A democracy is said to be a form of government in which the supreme power is vested in the people and exercised directly by them or by their elected agents under a free electoral system. 553 more words

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