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Choosing Autumn Décor Colors By Mood

Autumn is a wonderful time to redecorate or update a few tired interior motifs in your apartment or house. After all, the colors of the changing leaves are quite beautiful, and who doesn’t love the fresh feel of new decor livening up the home? 31 more words

Steve Mullings

Moving Day (Again)

As I noted here, I’ve been having trouble leaving comments at other WP.com blogs. This makes it very hard to join the community. So I’ve switched to self-hosted WP. 21 more words

Personal

Working On A Blog Post About An Anime

I went to bed very late and I did not voice record my dreams that I had, and so now I can only barely remember part of my last dream. 202 more words

Dream Journal

KYAB YUL-SA – Album “Resonance d’Exil (s) / Exile Vibration”

KYAB YUL-SA

Album Resonance d’Exil(s) / Exile Vibration”

Digital & Physical Distribution 

Label Plaza Mayor Company ltd

The Orchard

Kyab Yul-Sa – Album “Resonance d’Exils” on Itunes… 580 more words

Plaza Mayor Company Ltd

How to setup a podcast from your wordpress.com blog

Lets be honest: Many people would rather consume content from a podcast in 2017 than read your blog. I personally spend no time reading blogs anymore on personal interests, but I still spend hours each week walking the dog or biking to work whilst consuming podcast content. 1,448 more words

Podcast

भारतमाता का लाल "लालबहादुर शास्त्री"

सन 1965.

पाकिस्तान ने बिना किसी कारण के भारत पर आक्रमण कर दिया था. भारत के प्रधानमंत्री थे श्री लाल बहादुर शास्त्री. खादी में लिपटी ठिगनी क्षीण देह मगर हौंसला लौहपुरुष सा.

शास्त्रीजी ने एक क्षण गंवाए बिना ही अपनी सेनाओं को आक्रमणकारियों को मुँह-तोड़ ज़वाब देने का संकेत दे दिया. फिर क्या था? भारतीय सेनाएं चीतों की मानिंद दुश्मन पर टूट पड़ीं. दुश्मन के पाँव उखड़ने लगे.

भारतीय सेनाओं ने हाजी पीर दर्रे पर ही नहीं लाहोर पर भी कब्ज़ा कर वहां राष्ट्रीय तिरंगा फहरा दिया था. अन्न-संकट के कारण भारत अमरीका पर आश्रित था. मगर शास्त्रीजी ने अमरीका की भी नहीं सुनी और इस पर स्वयं एक दिन का व्रत रखते हुए अपने देशवासियों को साथ देने का आह्वाहन किया और पूरे देश ने मंगलवार का व्रत रखना शुरू कर दिया था.

हम उस समय सिर्फ 10 वर्ष के थे, मगर हमने भी हर मंगलवार को व्रत रख कर अपने माताजी-पिताजी का साथ दिया था.

फख्र होता था हमें जब अगले दिन प्रार्थना-सभा में प्राचार्य महोदय पूछते, “कल किस किस ने व्रत रखा?” हमारा हाथ सबसे पहले उठता था और प्राचार्य महोदय हमारी पीठ थपथपाते हुए अन्य छात्रों को भी व्रत रखने की याद दिला देते.

यु.एन.ओ के हस्तक्षेप पर शास्त्रीजी को विश्व-सम्मति का सम्मान करना ही था. रूस ने मध्यस्थता की. ईश्वर जाने क्या हुआ कि शास्त्रीजी मास्को से जीवित ही न लौट पाए. शत शत नमन उस वीर प्रधानमंत्री को.

50 Random Facts About Me

It has been a crazy month!! As you all know school has already started and we are almost in  October. Where did the time go?!? Well I know that I have been away for a while, but I hope you guys understand.   973 more words