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Indian soldier based on drawing by Paul Sarrut

Paul Sarrut drew the Indian soldiers when they were based in Marseille in WW1. This picture is based on one if his sketches.

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Indian Solder WW1

A pencil drawing of an Indian Soldier from WW1 copied from an Osprey book by Mike Chappell. Coloured in Photoshop.

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World War 1 scenes

A couple of scenes I’ve put drawn. Both in pencil and then with a filter applied in photoshop. I need to practise environments and backgrounds next but also still work on the figure drawing and doing action poses. 14 more words

Comics

Vintage Advertising Posters

I quite like vintage advertising posters. They add something to a wall. It is nice to see what things were like previously in a time when computers and TV’v were not even thought of. 326 more words

प्रथम विश्वयुद्ध- भारतीय सिपाहियों के शौर्य एवं बलिदान की सौवीं वर्षगांठ

बहुत अफसोस की बात है कि पूरे 100 सालों तक हम अपने 15 लाख से ऊपर उन भारतीयों को भूले रहे जो अपने वतन से दूर बेगानों की तरह बेगानों से दूसरे की लड़ाई लड़्ते रहे और जिनमे से करीब 65 हज़ार युद्ध् में जख्मी हुए और 75 हज़ार  को तो दुबारा अपने वतन की मिट्टी भी नसीब नहीं हो पायी और वहीं परदेश में आज भी  चिरनिद्रामे लेटे हुए किसी अपने की आहट सुनने को तरस रहे होंगे !

ऐसी बात नहीं की भारतीय सैनिको ने युद्ध मे किसी से कम बहादुरी दिखायी हो या कमतर त्याग और बलिदान किया हो परंतु उनके योगदान को ना सिर्फ अंग्रेज़ो ने दबाया परंतु हमारे अपने भारतवासियों ने भी उन्हे नज़रंदाज़ किया शायद यह सोचते हुए कि ये जो बाहर लड़ने गये थे वो ब्रिटिश सेना के सिपाही थे  पर यह भूल गये कि इसमे उनलोगों का क्या क़सूर था और उनमे भी तो भारतीय खून था और वे तो एक सिपाही का पवित्र तम  कर्तव्य निभा रहे थे ! इतना ही नहीं जब बचेखुचे लोग युद्ध समाप्त कर वापस अपने देश लौटे तो उनके घर वालों के अलावा किसी ने उनका स्वागत तक नहीं किया !

परंतु लगता है की अब शायद उन योद्धाओं को भी भारतीय इतिहास मे उनका खोया हुआ स्थान और सम्मान मिल सके ! भारत सरकार ने भी राष्ट्रीय स्तर पर  भारतीयों के त्याग और बलिदान की सौवीं वर्ष गांठ मनाने का निश्चय किया है और देश में विभिन्न प्रकार के आयोज़नों का कार्यक्रम बनाया है ! इस कडी में नयी दिल्ली स्थित मानेकशा सेंटर में पहला कार्यक्रम शुरू भी हो गया है ! उन वीर शहीदों को असली श्रद्धांजलि तब होगी जब सेना या सरकार के अलावा भारत का हर भारतीय इस पुण्य कार्य में बढ चढ कर हिस्सा ले !

Contribution Of Indian Soldeirs In WW1

How much were our ancestors worth?!

Wills are one of the most interesting and revealing documents about our ancestors and can contain much personal detail about beneficiaries and possessions left to family and friends.   583 more words

Happy New Year!

Hello everyone,

Well, Christmas is over and I hope you have a bit more free time after the usual hectic days seeing  family and friends!  I’m now just over six weeks into the recovery from my operation and feel able to spend a bit more time at the computer, so I can delve into the magazines and email updates from various sources and maybe do a bit more research into my own families…and soon I can lift the files out of the drawers again!   774 more words