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India vs England, 1st ODI 2017 - India won by 3 wickets

This is a win shoplifted. Absolutely stolen. England had done everything right – put on 350 runs on the board, had the hosts reeling at 63/4 until they encountered Virat Kohli. 103 more words

Cricket

Kohli, the man on a mission

As legend left the captaincy now it’s time for Kohli to take the wheel of Indian cricket team.Virat Kohli who in the past ruled over 18 test matches is going to open his first match as a captain on Sunday, January 15, 2017, aired time 1330 local (2:30 pm) before three T20 matches.Dhoni, on the other hand, kept his place in both 15 men squad.There is a slight change including middle-order batsman as… 204 more words

Entertainment

As Mahendra Dhoni relinquishes captaincy, a look at his finest hour in One-day cricket. Excerpt from Indra Vikram Singh’s book ‘Indian Spring’

Fairy-tale crescendo on home turf

 ICC WORLD CUP 2011

INDIA v SRI LANKA (FINAL)                           

WANKHEDE STADIUM, MUMBAI (DAY/NIGHT)                           

2 APRIL 2011

A supremely confident Indian team appeared to be peaking at the right time. 649 more words

Sports

sachin tndulkar is great cricketer

Sachin Ramesh Tendulkar is a former Indian cricketer and captain, widely regarded as one of the greatest batsmen of all time.

Born: 24 April 1973 (age 43),mumbai… 73 more words

mahendra singh dhoni has take retirement

1.why  mahendra singh dhoni retire as a captain?

because unfournately everyone know mahendra singh dhoni is not playing since 4 month in team and he is enjoy quality time with his famliy . 234 more words

Last chance for India to solve its middle order puzzle

The last time Yuvraj Singh was in the Indian ODI team three years ago, he cut a forlorn figure on the cricket field. Any person who had dropped two tough catches — Quinton de Kock, who would go on to score his third successive hundred, and the one who shall not be named AB – was bound to be disappointed. 1,083 more words

Commentary

क्या युवराज सिंह से शादी के बाद हेजल कीच तैयार है बनने को गुरबसंत कौर?

30 नवंबर को हुई युवराज सिंह और हेजल कीच की शादी ने मिडिया में काफी सुर्खियां बटोरी. पर अब युवराज के परिवार द्वारा हेजल के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है. युवराज का पूरा परिवार एक धार्मिक गुरु बाबा राम सिंह के सलाह पर ऐसा करना चाहता है. हालांकि युवराज के पिता इस बात के खिलाफ हैं. उनका कहना है कि वो इन फालतू की बातों में यकीन नहीं करते लेकिन वो कुछ कह भी नहीं सकते क्योंकि उनका अपना परिवार ही इस चीज के प्रति विश्वास दिखा रहा है. उनका कहना है कि क्या बाबा ने युवराज को क्रिकेट खेलना सिखाया है? क्या उन्होंने उसके कैंसर का ईलाज किया है? हालांकि युवराज अपने स्वस्थ होने में बाबा के आशीर्वाद को भी एक अलग स्थान देते हैं.

युवराज ने भी नाम बदलने पर कोई खास आपत्ति नहीं दिखाई है और ना ही अब तक हेजल कीच की तरफ से कोई बयान सामने आया है. युवराज का कहना है कि नाम बदलने से हेजल की पहचान नहीं बदल जायेगी. वो उनके लिए बिल्कुल वैसी ही रहेंगी जैसी वो अब तक है. हेजल कीच ने कुछ महीने पहले ट्वीट कर राजस्थान के एक मनी ट्रांसफर कंपनी के एक स्टाफ पर नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि स्टॉफ ने उन्हें पैसा देने से इंकार कर दिया था क्योंकि उनका नाम हिंदू नाम नहीं था. उस वक्त युवराज सिंह ने भी हेजल के समर्थन में एक ट्वीट किया था और कहा था, “हम सभी इंसान हैं. क्या यह काफी नहीं है? नस्लीय भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.”

भले ही हमारा हिंदू समाज शादी के बाद नाम बदलने पर लाखों दलीलें दे दे लेकिन हर शख्स को अपना नाम अजीज होता है, खासकर तब जब आपको उस नाम के साथ पूरी दुनिया जानती हो. ऐसे में नाम बदलने का फैसला पूरी तरह से उस व्यक्ति का होना चाहिए. हेजल कीच एक जानी-मानी हस्ती है और नाम बदलने से भले ही उनकी शख्सियत ना बदले लेकिन इससे उनकी पहचान पर असर जरूर पड़ सकता है.

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